वैक्सीन की बूस्टर डोज पर्याप्त नहीं, अब और प्रभावी वैक्सीन बनाने की दरकार: WHO
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नई दिल्ली: दुनिया भर में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है, वहीं कई देशों में टीकाकरण और बूस्टर डोज को लेकर भी अभियान चलाया जा रहा है, इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने आगाह किया है कि मौजूद टीकों की बूस्टर डोज पर्याप्त नहीं है और संक्रमण से बचाव के लिए अब प्रभावी वैक्सीन बनाने की जरूरत है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों ने मंगलवार को चेतावनी दी कि ऑरिजिनल कोविड टीकों की बूस्टर खुराक को दोहराना उभरते हुए वेरिएंट के खिलाफ उचित रणनीति नहीं है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप के विशेषज्ञों के एक समूह ने कोरोना वैक्सीन के कंपोजिशन पर कहा कि मौजूदा टीके गंभीर बीमारी और वेरिएंट ऑफ कंसर्न के कारण होने वाली मौतों के खिलाफ उच्च स्तर की सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।

लेकिन भविष्य में हमें ऐसे टीके विकसित करने की जरूरत है जो संक्रमण को और मजबूती के साथ रोक सके, नए टीके के जरिए ही गंभीर बीमारी और मृत्यु की रोकथाम बेहतर तरीके से हो सकती है।

कोरोना वैक्सीन संरचना पर विश्व स्वास्थ्य संगठन टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ने एक बयान में कहा कि मूल वैक्सीन संरचना की बार-बार बूस्टर खुराक के आधार पर वैक्सीनेशन रणनीति उचित या फिर टिकाऊ होने की संभावना नहीं है, शुरुआती आंकड़ों से संकेत मिलता है कि मौजूदा टीके उन लोगों में कोविड बीमारी को रोकने में कम प्रभावी थे जो नए ओमिक्रोन वेरिएंट से संक्रमित हुए हैं।

ऐसे टीके विकसित करने की जरूरत है जो न केवल लोगों को गंभीर रूप से बीमार पड़ने से बचाते हैं बल्कि पहले ही संक्रमण और संचरण को बेहतर तरीके से रोक सकते हैं, बता दें कि ओमिक्रोन वेरिएंट का पहला मामला पिछले साल दक्षिण अफ्रीका से आया था जिसके बाद ये वेरिएंट कई देशों में तेजी से फैल रहा है।

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