आपदा में अवसर की सच्चाई आई सामने, लाखों-करोड़ों का हुआ खेल
आपदा में अवसर की सच्चाई आई सामने, लाखों-करोड़ों का हुआ खेल

इंदौर-डीवीएनए। इंदौर में ऑक्सीजन के संकट को बहुत पास से देखा है वहीं कुछ ऑक्सीजन रिफिल सेंटर शहर के बीचों बीच संचालित हो रहे हैं जिससे आपदा में ऐसा अवसर प्राप्त किया है कि शासन प्रशासन भी उनके इस खेल को खुली आंखों से देा रहा है। जब ऑक्सीजन प्लांट संचालकों को इस बात की भनक लगी कि शहर वासियों को ऑक्सीजन की भारी जरूरत है तो उन्होंने हर सिलेंडर भरने पर 100 रुपये अतिरक्त मुनाफा कमाना शुरू कर दिया।
कलेक्टर मनीष सिंह ने भले ही ऑक्सीजन के प्लांट के पर अधिकारियों को पहरा बैठा दिया हो, परंतु उनके आंखों के सामने ही मुनाफे का खेल आज भी जारी है। आईआरबी ऑक्सीजन प्लांट में हर सिलेंडर पर मुनाफा कमाया गया, जबकि इंदौर के आसपास के कई जिलों से इस प्लांट पर ऑक्शन रिफिल करने के लिए आ रही है। इसी तरह से शिवम ऑक्सीजन प्लांट पर भी जमकर धांधली की गई यहां पर भी प्लांट के मालिक ने सिलेंडर पर जमकर मुनाफा कमाया। ऑकसीजन प्लांट के संचालकों का टेंडर होता है जिसके अंतर्गत उन्हें उसी राशि में ऑक्सीजन देनी होती है। जिस पर सरकार अपनी मुहर लगाती है।
इस महामारी के पूर्व यह संचालक एक सिलेंडर 400 रुपये के हिसाब से भर रहे थे परंतु जैसे ही भीड़ लगने लगी तो उन्होंने एक सिलेंडर 500 रुपये में भरना शुरू कर दिया। आपदा में अवसर बनाने का मौका इन ऑक्सीजन प्लांट ने भी नहीं छेड़ा और कई गरीब और निर्धन वर्ग के लोगों को भी परेशानी उठाना पड़ी आज जब पूरे देश में लॉकडाउन की स्थिति है और रोजगार व्यवसाय भी पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं ऐसी स्थिति में भी शासन प्रशासन के सामने ऑक्सीजन प्लांट के संचालकों ने जो खेल खेला है इस पर भी अब कड़ी कार्रवाई करने की आवाज उठने लगी है। मिली जानकारी के अनुसार अब इन प्लांट के संचालकों ने उन गरीब मजदूर वर्ग के लोगों को भी हटा दिया है जो रात दिन एक कर सिलेंडर भरने में मदद कर रहे थे और उन्हें आधी अधूरी तनख्वाह देकर काम निकालने पर रवाना कर दिया गया।

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