ईंधन और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी: नाना पटोले
ईंधन और गैस की कीमतों में बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी: नाना पटोले

मुंबई। (डीवीएनए) जब से केंद्र में मोदी सरकार सत्ता में आई है, आम आदमी का जीवन कठिन हो गया है और अत्याचारों का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।  पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस की कीमतों में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है।  
मौजूदा समय में पेट्रोल 96 रुपये प्रति लीटर और डीजल 86 रुपये प्रति लीटर है।  एक घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत 800 रुपये के करीब हो गई है।  करोना संकट में लाखों नौकरियां देने का वादा किया पर वह वादा भी मात्र एक जुमला बनकर रह गया क्योंकि नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार कुछ और नहीं सिर्फ जुमले वाली सरकार है।
  मजदूर और मध्यम वर्ग के लिए जीवित रहना मुश्किल हो गया है।  महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने चेतावनी दी है कि मोदी सरकार को ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी को तुरंत वापस लेना चाहिए अन्यथा कांग्रेस सड़कों पर उतरेगी और आंदोलन शुरू करेगी।

 गांधी भवन में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, नाना पटोले ने कहा कि मोदी सरकार देश में आम आदमी की सरकार नहीं है, बल्कि मुट्ठी भर लोगों के कल्याण के लिए काम करने वाली सरकार है।  अंतर्राष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड गिरावट पर हैं।आज के कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए पेट्रोल 35 ₹ और डीजल 25 ₹ प्रति लीटर होना चाहिए था, लेकिन कई जगहों पर पेट्रोल 100 रुपये तक पहुंच गया है।  इसके चलते महंगाई बढ़ी है।  आम लोगों का जीवन कठिन हो गया है।  

पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस संबंध में अपना पल्ला झाड़ते हुए राज्यसभा में यह स्पष्ट कहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत उनके हाथ में नहीं है।  उन्होंने भाजपा सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल की दरों को कम करने के लिए किए गए वादे को भी तोड़ा है। 
 क्या लोगों की जेब काटने के लिए लोगों ने बीजेपी को ताकत दी?  मोदी सरकार को जनता को जवाब देना चाहिए। अभिनेता अमिताभ बच्चन, अक्षय कुमार, अनुपम खेर और अन्य हस्तियों ने ट्वीट कर ईंधन मूल्य वृद्धि के खिलाफ नाराजगी जताई थी, अब भले ही पेट्रोल 100 तक पहुंच गया हो, लेकिन अमिताभ बच्चन और अक्षय कुमार सहित किसी भी सेलिब्रिटी ने इसके खिलाफ ट्वीट क्यों नहीं किया, अब वे चुप क्यों हैं। 
इन अभिनेताओं को सरकार से कोई पुरस्कार चाहिए या सरकार के डर से यह खामोश है यह भी इन कलाकारों ने स्पष्ट करना चाहिए।
संवाद:- वाजेद असलम

Share this story