प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 5 साल पूरे
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 5 साल पूरे

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के 5 वर्ष पूरे होने और शनिवार को आवास दिवस के उत्सव की पूर्व संध्या पर, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों ने आवास दिवस मनाने के लिए भूमि पूजन, गृह प्रवेश, लाभार्थियों के घरों को दिखाने के लिए उनके घर जाना, पीएमएवाई-जी आदि के बारे में लाभार्थियोंको संवेदनशील बनाने जैसी विभिन्न गतिविधियां की हैं। सभी के लिए आवास के महान उद्देश्य की पूर्ति सुनिश्चित करते हुएराज्य सरकार के साथ साझेदारी में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय समय सीमा के भीतर लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास करताहै।


भारत सरकार ने वर्ष 2022 तक सभी को आवास प्रदान करने के उद्देश्य को हासिल करने के लिए संशोधित ग्रामीण आवास योजना शुरू की। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) 20 नवंबर, 2016 को शुरू की गई जो पहली अप्रैल 2016 से प्रभावी है। इस योजना के तहत वर्ष 2022 तक सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ 2.95 करोड़ पीएमएवाई-जी घरों को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।


पात्र लाभार्थियों को घर उपलब्ध कराने पर ध्यान केंद्रित करने के अलावा, पीएमएवाई- जी अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से भी घरों की बुनियादी जरूरतों को भी पूरा करता है। योजना के लाभार्थी मनरेगा से 90/95श्रम दिन के अकुशल श्रम का भी हकदार है। शौचालय के निर्माण के लिए एसबीएम-जी को आवास योजना से जोडऩे के माध्यम से भी मदद ली जाएगी। पीएमएवाई-जी के लाभार्थी को विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के तहत पाइप से पेयजल, बिजली कनेक्शन, एलपीजी गैस कनेक्शन आदि भी मिल सकता है।


उन परिवारों की पहचान के लिए जो एसईसीसी-2011 के तहत निर्दिष्ट मानकों के अनुसार पीएमएवाई-जी के तहत मदद पाने के लिए पात्र हैं, लेकिन पात्र लाभार्थियों की सूची में उनके नाम शामिल नहीं हैं और ऐसे पात्र परिवारों की एक अतिरिक्त सूची बनाने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन आवास+ का उपयोग करके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से ग्रामीण विकास मंत्रालय ने एक अभियान चलाया था। सर्वेक्षण जनवरी 2018 में शुरू किया गया, जो 7 मार्च, 2019 तक पूरा हुआ। आवास+ सर्वेक्षण में कुल 3.57 करोड़ परिवारों को शामिल किया गया जिनमें से 2.76 करोड़ परिवार पात्र पाए गए। 51.07 लाख अब तक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित किए जा चुके हैं।


इस कार्यक्रम को ई-गवर्नेंस समाधान आवास सॉफ्ट और आवास ऐप के माध्यम से लागू किया जा रहा है और इन्हीं ऐप के जरिए इनकी निगरानी भी की जा रही है। आवास सॉफ्ट ऐप इस योजना के कार्यान्वयन पहलुओं से संबंधित कई आंकड़ों की डेटा रखने और निगरानी के लिए बेहतर साधन के रूप में काम करता है। इन आँकड़ों में भौतिक प्रगति (पंजीकरण, स्वीकृतियाँ, मकान निर्माण पूरा करना और किश्तों का जारी होना आदि), वित्तीय प्रगति, अन्य योजनाओं के साथ मिलान की स्थिति आदि शामिल हैं। 2016 में इस योजना के शुभारंभ के बाद से ही इस सॉफ्टवेयर को उपयोगकर्ता के अधिक अनुकूल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सॉफ्टवेयर को अधिक सुगम बनाने और कार्यक्रम के कार्यान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसमें नए मॉड्यूल जोड़े गए हैं।

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