50-70 रुपए प्रति किलो की दर से मिलेगा बकरी का दूध
50-70 रुपए प्रति किलो की दर से मिलेगा बकरी का दूध

भोपाल। प्रदेश में जनजातीय गौरव दिवस से स्वास्थ्यवर्धक और सुपाच्य बकरी का दूध की विधिवत बिक्री शुरु हो गई। पशुपालन एवं डेयरी मंत्री प्रेमसिंह पटेल ने बड़वानी के राज्य स्तरीय कार्यक्रम में बकरी दूध विक्रय का शुभारंभ किया। बकरी का दूध जबलपुर और इंदौर के जनजाति बाहुल जिलों से एकत्रत किया जाएगा। इंदौर संभाग के धार, झाबुआ, बड़वानी और जबलपुर संभाग के सिवनी, बालाघाट जिलों के जनजातियों से 50 से 70 रुपए प्रति किलो की दर से बकरी का दूध खरीदा जा रहा है। 200 एमएल की बॉटल में अधिकतम 30 रुपए की दर से ह दूध फिलहाल जबलपुर व इंदौर दुग्ध संघ के पार्लरों पर उपलब्ध होगा।

बकरी का दूध पौष्टिक खनिज तत्वों से भरपूर होता है। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन ए, कैल्शियम, मैग्नीशिम, पोटेशियम, तांबा, जिंक आदि का उत्तर स्त्रोत होने से यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक है। वसा के कण अन्य दूध की तुलना में छोटे होने से जल्दी एवं आसानी से पच जाता है। दैनिक अनुशंसित मूल्य का 33 प्रतिात कैल्शियम शरीर को प्रदाय कर हड्डियों के घनत्व को बढ़ाता है। बकरी के दूध में मध्यम श्रेणी का फैटी एसिड होने से यह शरीर को अधिक ऊर्जा देने के बावजूद चर्बी के रूप में जमा नहीं होता। इससे वजन नियंत्रित रहता है। आंतों के विकास और कोरोनरी रोग के इलाज में भी सहायक है।

बकरी का दूध शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाकरखराब कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है। हृदय को कोरोनरी बीमारी से बचाने में प्रभावी है। बकरी का दूध चयापचय (मेटाबॉलिक) एजंट होने से कॉपर और आयरन को भी मेटाबोलास कर सकता है। बकरी का दूध पाचन और कब्ज की समस्या और सूजन दूर करने में भी सहायक है। इस दूध में उपलब्ध वसाएवं ट्राइग्लेसराइडस मानव त्वचा में निखार लाते हैं। त्वचा को नर्म एवं स्वस्थ्य रखता है।

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