निदेशक ने आत्मानंद स्कूल, जिला अस्पताल एवं सवेंदना केन्द्र का किया निरीक्षण
निदेशक ने आत्मानंद स्कूल, जिला अस्पताल एवं सवेंदना केन्द्र का किया निरीक्षण

कोण्डागांव :  आज जिला मुख्यालय में केन्द्रीय संयुक्त सचिव राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक भारत सरकार तथा जिले के प्रभारी  विकासशील द्वारा अपने प्रवास के तहत् स्वामी आत्मानंद आंग्ल माध्यम स्कूल, आयुष्मान भारत हेल्थ मेला, शांति फाउण्डेशन एवं जिला प्रशासन द्वारा संचालित मानसिक रोगियों हेतु संवेदना केन्द्र एवं जिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया। इस मौके पर संयुक्त सचिव ने समस्त संस्थानों की अद्यतन जानकारी लेने के साथ-साथ सुचारू रूप से संचालन हेतु विभिन्न सुझाव भी दिये गये और सुविधाओं में वृद्धि की बात कही गयी। इस दौरान कलेक्टर  पुष्पेन्द्र कुमार मीणा सहित सीईओ जिला पंचायत  प्रेम प्रकाश शर्मा तहसीलदार विजय मिश्रा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इस क्रम में उनके द्वारा सर्व प्रथम मुख्यालय स्थित जामकोट पारा में स्थित स्वामी आत्मानंद आंग्ल माध्यम स्कूल का दौरा किया गया और शिक्षकों से अध्ययन छात्रों एवं शिक्षकों की संख्या स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं तथा पढ़ाई के स्तर के संबंध में चर्चा किया गया।


ज्ञातव्य है कि जिला कोण्डागांव अंतर्गत सत्र् 2020-21 में स्वामी आत्मानंद अंग्रजी माध्यम स्कूल की स्थापना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा किया गया था। जिसमें सर्व सुविधा हेतु क्लास रूम, कम्प्यूटर कक्ष, पुस्तकालय, खेल मैदान, बिजली, पेय जल इत्यादि की सुविधा कराया गया साथ ही अंग्रेजी में कुशल एवं अनुभवी शिक्षको के द्वारा अध्यापन का कार्य कराया जा रहा है। इस प्रकार जिले के चार विकासखण्ड में नये स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूल की स्थापना इस सत्र् में किया गया। इन पांच विद्यालयों मे कुल 2024 छात्र छात्राएं अध्ययनरत है। तत्पश्चात संयुक्त सचिव ग्राम बम्हनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे जहां अस्पताल में औषधियों की उपलब्धता एवं मरीजों की उपस्थिति की जानकारी उनके द्वारा ली गयी।


आयुष्मान भारत हेल्थ मेला में सभी स्वास्थ्य स्टालों में पहुंचे संयुक्त सचिव, ‘‘मडिया पेज‘‘ का स्वाद भी चखा
इसके साथ ही संयुक्त सचिव नगर के एनसीसी ग्राउण्ड में आयोजित आयुष्मान भारत हेल्थ मेला में भी पहुंचे। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के तत्वाधान में आयोजित इस शिविर में कुल 16 स्वास्थ्य स्टाल लगाये गये है। जहां आयुष्मान कार्ड प्रदाय, डिजिटल स्वास्थ्य आईडी निर्माण, दंत चिकित्सा, राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन, एनिमिया, हड्डी रोग, जैसी विभिन्न व्याधियों के संबंध में स्वास्थ्य जांच एवं निःशुल्क परामर्श सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस प्रकार आयुष्मान भारत हेल्थ मेला प्रत्येक विकासखण्ड में लगाये जायेगें।


उक्त मेले में एक अन्य स्टाल पर बस्तर कोल्ड्रिंक के नाम से मशहूर ‘‘मंडिया पेज‘‘ का भी स्टाल लगाया गया था। जहां पहुंच कर संयुक्त सचिव एवं कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों ने इसका स्वाद चखा। मालुम हो कि सामान्य भाषा में मंडिया को रागी भी कहा जाता है। जिसका उपयोग स्थानीय जन समुदाय में अनाज के रूप में किया जाता है। यह ना केवल स्वादिष्ट बल्कि बहुत पौष्टिक भी होता है। प्रायः ग्रामीण मंडिया को चावल के आटे के साथ पेय पदार्थ के रूप में सेवन करते है। इसके साथ ही गर्मी के दिनों में मंडिया डिहॉईड्रेशन की स्थिति में पानी की कमी को दुर करता है।


इसके पूर्व संयुक्त सचिव ने जिला अस्पताल का भी निरीक्षण करते हुए विभिन्न वार्डों में चिकित्सकों से चर्चा किया और आवश्यक निर्देश दिये।
‘संवेदना केन्द्र में पहुंचकर मानसिक रोगियों के उपचार के संबंध में दिये निर्देश
इसके अलावा संयुक्त सचिव  विकासशील ने सरगीपालपारा में स्थित मानसिक रोगियों के उपचार हेतु स्थापित ‘‘संवेदना‘‘ केन्द्र मानसिक रोगियों के उपचार एवं पुनर्वास के संबंध में विभिन्न निर्देश देते हुए उनकी कॉउन्सिलिंग करने को कहा। ज्ञात हो कि जिला प्रशासन एवं शांति फाउण्डेशन द्वारा संचालित उक्त केन्द्र में मानसिक रोगियों के बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार हेतु संवेदना कार्यक्रम का संचालन जिले में प्रारंभ किया गया है। इसके तहत् मानसिक रोगों से ग्रसित विक्षिप्त, मंद बुद्धि, निराश्रित लोगों का सर्वेक्षण एवं स्क्रीनिंग करके रीहेबिलीटेशन केन्द्र में भेजा जाता है। साथ ही उपचार उपरांत स्वस्थ मरीजों हेतु जीविकोंपार्जन के साधन उपलब्ध कराये जाते है। निरीक्षण के दौरान सचिव को अवगत कराया गया की अब तक पुनर्वास में रहने वालों की संख्या 69, स्वस्थ होकर घर जाने वालों की संख्या 28, सेंदरी मानसिक अस्पताल भेजे गये मरीजों की संख्या इस सत्र् में 27 है। संयुक्त सचिव ने मानसिक रोगियों के उपचार हेतु जिला प्रशासन द्वारा प्रारंभ किये गये इस पहल को सार्थक बताया।

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