छत्तीसगढ़ में शिक्षा आदि के क्षेत्र में चलाए जा रहे नवाचारी योजनाओं की केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सरकार ने की सराहना
छत्तीसगढ़ में शिक्षा आदि के क्षेत्र में चलाए जा रहे नवाचारी योजनाओं की केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सरकार ने की सराहना

रायपुर :  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आज शाम यहां उनके निवास कार्यालय में केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुभाष सरकार ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री बघेल से मुलाकात के दौरान डॉ. सरकार ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा सहित स्वास्थ्य आदि के क्षेत्र में नवाचार का प्रयोग करते हुए संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में सराहना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  उमेश पटेल भी उपस्थित थे। 


मुख्यमंत्री  बघेल ने केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सरकार से चर्चा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में बच्चों की शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए अनेक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। प्रदेश में विद्यार्थियों को प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उनकी पहुंच क्षेत्र के भीतर उपलब्ध करा दी गई है। यहां छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए यथासंभव आवश्यक मूलभूत सुविधाएं जैसे भवन एवं आहता, शौचालय, पेयजल, प्रकाश, विद्युत, फर्नीचर, पुस्तकालय तथा प्रयोगशाला आदि सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं एवं अंग्रेजी भाषा की वैश्विक मान्यता को देखते हुए राज्य के बच्चों के हित में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य विश्वस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ के बच्चे भाग ले सकें और सफलता प्राप्त करें। इस उद्देश्य के साथ हमने राज्य में 52 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय से इसकी शुरूआत की। वर्तमान में 171 विद्यालय संचालित हैं। इससे अब गरीब तबके और अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ाने से वंचित ग्रामीण अंचल के लोगों में भी खुशी की लहर है। 


मुख्यमंत्री  बघेल ने बताया कि इन विद्यालयों में राष्ट्रीय स्तर के मूलभूत सुविधा जैसे आकर्षक शैक्षिक परिसर, उन्नत लैब, आधुनिक लाईब्रेरी, स्मार्ट क्लास रूम, पेयजल एवं शौचालय तथा खेल-कूद आदि की बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इन विद्यालयों में छत्तीसगढ़ महतारी दुलार योजना के अंतर्गत कोरोना महामारी के कारण अनाथ हुए 512 बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में प्रवेश दिया गया है। इनमें पालकों की बढ़ती मांग को देखते हुए चालू शैक्षणिक सत्र से प्रत्येक क्लास में 40 सीटर की क्षमता को बढ़ाकर 50 तक कर दिया गया है। इसके साथ ही चालू वर्ष 2022-23 में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के समान 32 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय खोलने हेतु बजट में प्रावधान किया गया है। 


मुख्यमंत्री  बघेल से चर्चा के दौरान केन्द्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सरकार ने छत्तीसगढ़ में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी संचालित योजनाओं मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना, मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान तथा मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना और  धन्वंतरी दवा योजना आदि की भी सराहना की। मुख्यमंत्री बघेल ने बताया कि इन योजनाओं से शहरी क्षेत्र के साथ-साथ राज्य के दूरस्थ वनांचलों तक लोगों को इलाज की अच्छी सुविधा हो गई है। जिसके बेहतर परिणाम दिखाई दे रहा है। प्रदेश के 13 नगर निगमों में 2 अक्टूबर 2019 से शुरू हुई मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना का विस्तार अब समस्त नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों तक किया जा रहा है। 


इसी तरह राज्य के बस्तर संभाग को मलेरिया, एनीमिया व कुपोषण से मुक्त कराने तथा शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में कमी लाने मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान के 5 चरण पूरे हो गए हैं, जिसमें अच्छी सफलता मिली। मलेरिया मुक्त बस्तर अभियान की कामयाबी के बाद पूरे प्रदेश को मलेरिया मुक्त करने मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान की शुरूआत की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य में धन्वंतरी दवा योजना का संचालन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। जिसमें सस्ती दवाएं मिलने की वजह से तीन महीने के दौरान लोगों द्वारा  धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने पर उन्हें 17 करोड़ रूपए की बचत हुई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार  रूचिर गर्ग, छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम अध्यक्ष  शैलेष नितिन त्रिवेदी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

Share this story