विषम परिस्थितियों में भी आवश्यक व्ययों में नहीं आने दी कमी: वित्त मंत्री देवड़ा
विषम परिस्थितियों में भी आवश्यक व्ययों में नहीं आने दी कमी: वित्त मंत्री देवड़ा

भोपाल :  वित्त मंत्री  जगदीश देवड़ा ने कहा है कि कोविड की विषम परिस्थितियों में भी राज्य शासन द्वारा अपने कुशल वित्तीय प्रबंधन से आवश्यक व्ययों में किसी प्रकार की कोई कमी नही आने दी। केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित पूँजीगत व्यय के लक्ष्य को प्राप्त कर जीएसडीपी के 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त ऋण प्राप्त करने की पात्रता भी प्रदेश ने हासिल की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वितीय प्रबंधन को और मजबूत किया जाएगा।

मंत्री देवड़ा आज वित्त विभाग द्वारा पचमढ़ी में वित्तीय कार्यप्रणाली के सुद्दढ़ीकरण एवं नियमों के सरलीकरण हेतु कार्यशाला चिंतन 2022 को उज्जैन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा संबोधित कर रहे थे। चिंतन-2022 की कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव वित्त डॉ. मनोज गोविल, सचिव वित्त अजीत कुमार, आयुक्त कोष एवं लेखा  ज्ञानेश्वर बी पाटील, सचिव वित्त एवं संचालक बजट आइरिन सिं‍थिया सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

केंद्रीय सहायता

वित्त मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में निर्धारित राजस्व लक्ष्यों के अनुसार राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित की गई है। कोविड की विषम परिस्थितियों में राज्यों की धीमी पड़ी अर्थ-व्यवस्था को गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा राज्यों में पूँजीगत व्ययों को बढ़ाने के लिए प्रारंभ की गई विशेष सहायता योजना में राज्य शासन द्वारा उक्त योजना भाग-2 में प्रदेश ने 973.5 करोड़ रूपये का प्रस्ताव भारत सरकार को प्रेषित कर स्वीकृति प्राप्त की गई। इस योजना के भाग-3 में लोक परिसंपत्ति के निर्वर्तन एवं विनिवेश संबंधी अन्य कार्यों के फलस्वरूप राज्य का 538.86 करोड़ रूपये का अतिरिक्त ऋण भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया। इस प्रकार पूँजीगत कार्यों के लिए वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 1512.36 करोड़ रूपये का 50 वर्ष का ब्याज रहित ऋण प्राप्त हुआ, जो लगभग अनुदान के समान है।

पूँजीगत व्यय पर फोकस

मंत्री देवड़ा ने बताया कि अर्थ-व्यवस्था को गति देने के लिए राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2021-22 में विगत वर्षों की तुलना में पूँजीगत व्ययों को अधिक बढ़ावा दिया गया, जिससे राज्य की अर्थ-व्यवस्था गतिशील बनी रही। विगत वर्ष सकल राज्य घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर लगभग 20 प्रतिशत रही है।

देश की अर्थ-व्यवस्था में प्रदेश देगा योगदान

वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2025 तक देश की अर्थ-व्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर पहुँचाने का लक्ष्य रखा है। विश्व पटल पर देश की अर्थ-व्यवस्था को ऊँचा उठाने के लिए निर्धारित लक्ष्य की पूर्ति के लिए मध्यप्रदेश सरकार मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्य की अर्थ-व्यवस्था को गति देने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में सुधार का प्रयास कर रही है।

उन्होंने चिंतन 2022 कार्यशाला में वित्तीय कार्य-प्रणाली के सुदृढ़ीकरण एवं नियमों के सरलीकरण हेतु वर्तमान डिजिटल परिवेश में नियमों का सरलीकरण, सूचना प्रौद्योगिकी के माध्यम से राज्य की एकीकृत वित्तीय प्रबंधन सूचना प्रणाली IFMIS में नवाचार, लेखा परीक्षण की गुणवत्ता में सुधार एवं वित्त विभाग के अधिकारियों के प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्धन पर विषय-विशेषज्ञों एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा सूक्ष्म चिंतन किये जाने की सराहना की।

मंत्री  देवड़ा ने कहा कि वित्त विभाग सुशासन एवं सभी सिविल सेवाओं की रीढ़ है। उन्होंने बताया कि पूर्व में हुई कार्यशाला "चिंतन 2018" की उपलब्धि के रूप नवीन कोषालय संहिता 2020 अस्तित्व में आई है, जिसमें पूर्व के नियमों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य की आवश्यकता के अनुसार संशोधित किया गया है। नियमों के सरलीकरण से आमजन लाभान्वित हुआ है।

वित्त मंत्री ने कहा कि इस चिंतन के फलस्वरूप अच्छे उत्साहवर्धक सुपरिणाम सामने आएंगे। सुझाये गए उपायों को विचारोपरांत ठोस योजना बनाकर लागू किया जाएगा, जिससे राज्य का वित्तीय प्रबंधन और अधिक उन्नत अवस्था में स्थापित होगा।

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