कृषि कानूनों की वापसी भाजपा के डैमेज कंट्रोल का प्रयास: शाहिद लारी
कृषि कानूनों की वापसी भाजपा के डैमेज कंट्रोल का प्रयास: शाहिद लारी

पड़रौना-कुशीनगर। भाजपा ने 3 काले कृषि कानूनों से गरीबों किसानों को पूंजीपतियों के गुलाम बनाना चाहा, सड़कों पर कील लगाई, बाल खीचते कार्टून बनाए, किसानों पर जीप चढ़ाई लेकिन किसान न ही डरे न ही झुके आखिर भाजपा सरकार किसान आंदोलन के आगे झुकना ही पड़ा। 

    उक्त बातें समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शाहिद लारी ने कहा। उन्होंने कहा लगातार चुनावों और उपचुनावों में भाजपा की करारी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की विजय रथ यात्रा में उमड़ रहे जनजनसैलाब को देखकर भाजपा को अपनी करारी हार का एहसास हो गया है। अतः डैमेज कंट्रोल के लिए काले-क़ानून वापस लेने की घोषणा की गई है।        उन्होंने कहा भाजपा बताए सैकड़ों किसानों की मौत का जिम्मेदार कौन है? दोषियों को सज़ा कब मिलेगी? जनता 2022 में एक एक किसान की मौत का हिसाब भाजपा सरकार से लेगी।

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