लखनऊ स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत “स्किल गैप आकलन” हेतु कार्यशाला का आयोजन
लखनऊ स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत “स्किल गैप आकलन” हेतु कार्यशाला का आयोजन

लखनऊ : लखनऊ स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत आज उद्यमिता विकास संस्थान, उ. प्र. के सरोजनी नगर स्थित परिसर में “स्किल गैप आकलन” हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें प्लास्टिक, रिसाइकिलिंग, वेस्ट मैनेजमेंट, बायोटेक, ऑटो सोल्यूशन, हस्तनिर्मित कागज, साबुन आदि विभिन्न क्षेत्रों के उद्यमियों, प्लेसमेंट एजेंसीज, सेवा प्रदाता संगठनों, सोशल मीडिया, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन, एन.आई.आई.टी., बृजवासी बेकरी, मारुति सुजुकी ड्राइविंग स्कूल, कैलोरी ब्रेड आदि द्वारा प्रतिभाग किया गया।

उद्घाटन अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. डी.पी.सिंह ने कहा कि उद्यमिता विकास संस्थान विभागीय मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के कुशल नेतृत्व एवं अपर मुख्य सचिव डा0 नवनीत सहगल के मार्गदर्शन में नित नये आयाम हासिल कर रहा है। इस कार्यशाला में स्मार्ट सिटी परियोजना से जुड़ी हुई तीन नई गतिविधियों पर जानकारी सांझा की गई है, जिनमें स्मार्ट सिटी एवं संस्थान के संयुक्त ऐप “अप स्किल” के माध्यम से 20 वोकेशनल कोर्सेज-99 की लॉन्चिंग, उद्यम स्थापना हेतु उद्यमी लैब एवं लखनऊ में पीपीपी मॉडल पर शीघ्र ही स्मार्ट क्रेचों की स्थापना सम्मिलित है। “अपस्किल” ऐप प्रशिक्षण, रोजगार, सेवा प्रदाताओं, प्लेसमेंट एजेंसीज सभी को एक प्लेट फार्म पर लाने में सहायक होगा।

वरिष्ठ फैकल्टी एवं परियोजना प्रमुख ममता चौहान द्वारा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए संस्थान की भूमिका, कार्यशाला के उद्देश्य एवं रणनीति से प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। शशि उप्रेती, महाप्रबंधक, लखनऊ स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा स्मार्ट सिटी के क्रियाकलापों तथा परियोजना से जुड़े हुए विभिन्न मुद्दों पर प्रतिभागियों को जानकारी दी गई।

संजय गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष उ.प्र. आदर्श व्यापार संगठन द्वारा संस्थान एवं स्मार्ट सिटी के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए परियोजना की सफलता हेतु सहयोग का आश्वासन दिया गया।कार्यशाला में उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा उद्योग एवं विभिन्न संगठनों में मानवशक्ति की आवश्यकता, स्किलसेट, प्रशिक्षण एवं प्रमाण-पत्र के महत्व, श्रमिकों के पलायन को रोकने एवं उन्हंेरोजगार में लंबे समय तक बनाए रखने के लिए प्रभावी रणनीति आदिबिंदुओं पर महत्वपूर्ण चर्चा की गई। अंत मंे आशुतोष मिश्रा, कार्यक्रम संयोजक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।

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