टूट रहा बीजेपी का तिलिस्म
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उत्तर-प्रदेश की राजनीति देश की राजनीति की दिशा तय करती है और अगर ये राजनीति उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव के सन्दर्भ में हो तो सबकी नजरें यूपी की रजनीति पर टिकना स्वाभाविक है।
लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही बीजेपी में एक तरह से भगदड़ मच गई है। एक तरफ जहां आलाकमान दिल्ली में बैठकर पहले और दूसरे चरण के टिकटों को अंतिम रूप देने में जुटा है वहीं दूसरी ओर लखनऊ में एक के बाद एक इस्तीफे का दौर जारी है। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के 24 घंटे के भीतर ही कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह मऊ की मधुबन सीट से विधायक हैं। हालांकि वह किस पार्टी में जाएंगे यह तस्वीर अभी साफ नहीं हो पाई है। तो क्या अब यह माना जाय कि बीजेपी का किला ढहना शुरू हो गया है और इस किले को गिराने में दलितों, पिछड़ों की मुख्य भूमिका है। कहा जाता है कि उत्तर-प्रदेश की राजनीति देश की राजनीति की दिशा तय करती है और अगर ये राजनीति उत्तर-प्रदेश विधानसभा चुनाव के सन्दर्भ में हो तो सबकी नजरें यूपी की रजनीति पर टिकना स्वाभाविक है। आजकल उत्तर-प्रदेश के राजनीतिक पटल पर कुछ ऐसी ही हलचल देखने को मिल रही है।

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