तीन कैबिनेट मंत्री सहित अब तक 15 विधायक दे चुके हैं इस्तीफा
DHARM SAINI
यूपी विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है। यूपी में विधानसभा चुनाव के पहले चरण के के लिए टिकट कटने और मिलने के कयास का दौर हावी है.  सपा , बसपा , कांग्रेस  और भाजपा  सभी दलों में महामंथन का दौर है। इसी के साथ भाजपा में इस्तीफों की बारिश के तीसरे दिन की शुरुआत हो गई है।

लखनऊ। यूपी बीजेपी में गुरुवार को इस्तीफे के दौर के तीसरे दिन आयुष मंत्री धर्म सिंह सैनी सहित लखीमपुर खीरी से भाजपा विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने भी अपना इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही प्रदेश में भाजपा के 15 विधायक पार्टी को छोड़ने का ऐलान कर चुके हैं इनमें से तीन कैबिनेट मंत्री और शेष विधायक है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार को एक ट्वीट कर भाजपा की पिछड़ा विरोधी छवि को चमकाने की कोशिश की है।  उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘ओबीसी समाज को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जितना भाजपा में मिला है उतना किसी सरकार में नहीं मिला।  हमारे लिए 'P' का अर्थ 'पिछड़ों का उत्थान' है वही कुछ लोगों के लिए 'p' का अर्थ सिर्फ 'पिता-पुत्र-परिवार' का उत्थान होता है"

दरअसल, बीते कुछ दिनों से प्रदेश में यूपी भाजपा के विधायकों की इस्तीफे की बारिश हो रही है। पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के इस्तीफे के साथ ही इस क्रम में कई विधायकों ने पार्टी को छोड़ दिया है   खास बात यह है कि अब तक के तीन बड़े नेताओं ने अपने इस्तीफानामा में प्रदेश की योगी सरकार को पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग का विरोधी करार दिया है।  इसीलिए कहा जा रहा है कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार को जो ट्वीट किया है वह भाजपा की पिछड़ा वर्ग विरोधी छवि को चमकाने की कोशिश की है।

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